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ब्लैकमेल करके सरिता भाभी की रोज चुदाई

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फिर एक दिन मेरा एक दोस्त मेरे घर आया और उसने भाभी को देखा तो बोला कि क्या माल है अरविन्द? तो मैंने ध्यान नहीं दिया और हम घूमने चले गये। फिर एक दिन मैं अपने दोस्तों के साथ घर के आस पास ही खड़ा था तो तभी सरिता भाभी अपने 1 साल के बेटे देव और पति के साथ बाईक पर कहीं जा रही थी, तभी मेरे दोस्त बोले कि तेरी किरायेदार की वाईफ क्या मस्त है? लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा। फिर रात को डिनर के बाद जब में बेड पर लेटा तो मेरे दोस्त की उस बात पर ध्यान गया और मैं सोचने लगा कि सच में सरिता भाभी कितनी सुंदर है? और उनके पति भी कितने लकी है जो इतनी सुंदर वाईफ पाई है। बस इसी दिन से मेरा दिमाग़ और लंड दोनों सरिता भाभी के दीवाने हो गये। उस रात मैंने उनके बारे में सोचकर 2 बार मुठ मारी और सो गया। फिर दूसरे दिन जब वो सुबह 8 बजे दिखी तो मैंने उनसे बात करने के लिए जानबूझ कर बोला कि बड़ी लेट उठती है आप।
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फिर वो बोली कि रात में सोने में लेट हो जाता है ना। इस तरह धीरे-धीरे हमारी बातचीत शुरू हो गई और अब मैं उनके पति से भी बात करता था और कभी-कभी उनके यहाँ उनके लड़के को खिलाने जाता था और उनके लिए चॉकलेट भी ले जाता था, अब वो मुझे अक्सर चाय पिलाती थी।फिर पहले कुछ देर नखरे करने के बाद वो मान गई। फिर उन्होंने केक काटा और पहले मैंने उनको खिलाया और फिर वो बेड पर बैठ गई और फिर हमने साथ में पार्टी की। फिर में 8 बजे उन्हें गुड नाईट बोलकर ऊपर चला गया और अब रात को में डिनर के बाद जब बेड पर लेटा तो 10 बजे के करीब मेरा फोन रिंग किया तो मैंने देखा कि भाभी का फोन था। फिर मैंने फोन रिसीव किया तो वो बोली 'अरविन्द थैंक्स, आज आपकी वजह से मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ।' फिर में बोला 'इट्स ओके भाभी...। भाभी एक बात बोलूँ' तो वो बोली 'हाँ बोलो।' फिर मैं बोला 'नहीं आप कहीं गुस्सा ना हो जाओ।' फिर वो बोली 'नहीं होऊँगी, बताओं ना!' तो मैं बोला 'ऐसे नहीं पहले आप अपने देव की कसम खाओ कि गुस्सा नहीं होगी।' तभी वो बोली 'ठीक है बाबा मैं गुस्सा नहीं होऊँगी।' फिर मैंने झट से बोल दिया 'आज मैं जब आपको पास से केक खिला रहा था तो आप बहुत सेक्सी लग रही थी, मेरा मन कर रहा था कि आपको किस कर लूँ!!' तो वो बोल पड़ी 'तो बताना चाहिए था ना, ये चुदाई कहानियाँ,हिंदी सेक्स की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।वैसे भी आज मैं आपकी वजह से बहुत खुश थी।' फिर मैं झट से बोला 'अभी आ जाऊँ?' तो वो बोली 'इतनी रात हो गई है अगर आपकी माँ उठ गई तो??'


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लेकिन मेरी ज़िद करने पर वो बोली 'ठीक है आ जाओ।' फिर में बोला 'कहीं आप मज़ाक तो नहीं कर रही हो ना?' तो वो बोली 'नहीं-नहीं आ जाओ।' मैं बाहर वाले रूम में ही सोता हूँ तो मैं धीरे से दरवाजा खोलकर नीचे गया तो उनका दरवाजा बंद था तो मैंने धीरे से नॉक किया तो उन्होंने दरवाजा खोल दिया। फिर मैं अंदर गया तो उनका लड़का सो रहा था। फिर वो अपने गाल मेरी तरफ करके बोली कि लो कर लीजिए। फिर मैं बोला 'मैं कोई बच्चा नहीं हूँ मुझे लिप पर करना है।' फिर वो बोली 'गाल पर ही करिए!' लेकिन मैं जाने लगा तो वो बोली 'ठीक है करिए।'ये चुदाई कहानियाँ,हिंदी सेक्स की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर मैंने झट से उनके लिप पर एक बार किस किया। फिर एक बार फिर 1 मिनट तक किया, लेकिन उसने मेरा साथ नहीं दिया और इस तरह 2 बार किस करने के बाद वो बोली 'अब जाओ गुड नाईट।' फिर मैं खुश होकर ऊपर चला गया और मुठ मारकर सो गया। फिर 1-2 दिन के बाद जब मैं उनके यहाँ गया तो जब भैया नहीं थे और मैं बैठा तो भाभी चाय लेकर आई। फिर में चाय लेते हुए बोला 'आप मुझे अब किस करने का तो लाइसेन्स दे दीजिए।' पहले तो वो मना करने लगी, लेकिन मेरी रिक्वेस्ट करने पर बोली 'ठीक है जब मन करे और देखने वाला कोई ना रहे तभी किस कर लिया करो।' फिर मैंने तुरंत उठकर किस किया, अब मैं बहुत खुश था कि अब मंज़िल करीब है और कई दिन किस करते-करते ही गुज़र गये।फिर लगभग 7-8 दिन के बाद एक दिन मैं दोपहर के 1 बजे बाहर से घर आया तो भाभी के बाथरूम से कपड़े धोने की आवाज़ आ रही थी तो मुझे 1 प्लान सूझा तो मैंने भाभी को फोन लगाया तो मुझे आवाज़ सुनाई दी, फोन उनके पास ही था। फिर उन्होंने जैसे ही फोन उठाया तो में धीरे से उनके बेडरूम में घुस गया और दरवाजा खोलकर उनके दरवाजे के पीछे छुप गया और उनसे फोन पर बोला कि में आपके लिए एक गिफ्ट लाया हूँ। फिर वो बोली 'अच्छा कहाँ है?' तो मैं बोला 'आपके बेड पर रख दिया है!' तो वो बात करते-करते जैसे ही कमरे में आई, वो पर्पल कलर की नाईटी पहने थी।

फिर मैंने उनको बेड की तरफ धीरे से पुश किया तो वो बेड पर गिर गई और मैं उनके ऊपर चढ़कर उनको किस करने लगा और उनके बूब्स दबाने लगा। फिर लगभग 5-6 मिनट तक ऐसे ही चलता रहा। फिर मैं डिसचार्ज हो गया। फिर जैसे ही मैंने नीचे हाथ लगाना चाहा तो वो उठ गई और बोली 'मेरा सारा मेकअप खराब कर दिया।' फिर मैं भी उठा और उन्हें एक किस किया और ऊपर चला गया और चेंज किया। अब मुझे जब भी मौका मिलता है तो मैं उनके बूब्स दबाता था, लेकिन अब मुझे उनके चूत तक पहुँचने का सुरूर था, अब मैं सहन नहीं कर पा रहा था। फिर कुछ दिन के बाद जाकर मौका आया जिसके लिए में तड़प रहा था, जब दोपहर के 3 बज रहे थे, उनके पति अपने काम पर गये थे। अब उस दिन मेरा रिज़ल्ट 72% आया था तो में मार्केट से कुछ मिठाई लाया था और उनके रूम पर पहुँच गया और नॉक किया। फिर भाभी ने रूम का दरवाजा खोला तो वो सो रही थी और साईड में उनका लड़का भी सो रहा था।ये चुदाई कहानियाँ,हिंदी सेक्स की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर मैंने उन्हें मिठाई दी तो उन्होंने पूछा 'ये किस ख़ुशी में दे रहे हो?' तो मैं बोला 'मेरा रिज़ल्ट अच्छा आया है।' फिर वो मिठाई साईड में रखकर जैसे ही बैठी तो मैंने उन्हें लेटा दिया और उन्हें किस करने लगा और बूब्स दबाने लगा। फिर 5 मिनट तक किस करने के बाद जब मैंने नीचे हाथ लगाया तो वो फिर से मेरा हाथ पकड़ने लगी तो मैं रुका नहीं बल्कि सीधे उनसे बोला 'आपको मेरी कसम है और आज आप मुझे नहीं रोकेंगी प्लीज!' और मैंने सीधे अपना चेहरा उनकी नाईटी में डाल दिया, वो पेंटी नहीं पहने थी। फिर मैंने सीधे उनकी चूत पर किस किया और चूसने लगा। उनकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे, जैसे कि 4-5 दिन पहले ही शेव किए हो।' अब मैंने उनकी नाईटी और ऊपर उठा दी, अब मुझे उनकी चूत बिल्कुल साफ दिख रही थी, उनकी चूत क्या मस्त पिंक और बिल्कुल गुलाब की पंखुड़ियों की तरह थी?

अब मैं बहुत देर तक उसे चूसता रहा और अब मेरा लंड बहुत टाईट हो गया था और उनकी चूत से भी पानी आने लगा था। फिर मैं उठा और अपनी पेंट उतार दी मैं अन्दर कुछ नहीं पहना था। अब मेरा लंड झूलता हुआ बाहर आ गया भाभी ने थोड़ा उठकर एक तिरछी नज़र से मेरे लंड को देखा और बोली 'हाय अरविन्द कितना बड़ा है ये।' फिर मैंने लिटाकर अपना लंड उनकी चूत पर थोड़ा रब किया फिर पुश करने की कोशिश करने लगा लेकिन पता नहीं क्यूँ अन्दर नहीं जा पा रहा था। तभी भाभी हँसने लगी और उठकर बैठ गयीं। मैंने पूछा 'क्या हुआ?' तो बोली 'अभी तुम नए हो...मैं सिखाती हूँ कैसे करते हैं।' अब उन्होंने दोनों हाथों से मेरा लंड पकड़कर जोर से सहलाया और खाल सुपाड़े से हटा दी। गुलाबी रंग के चिकने सुपाड़ा उन्होंने अपने मुँह में भर लिया और उस पर अन्दर ही जीभ चलाने लगी। मेरी तो जान ही निकली जा रही थी।ये चुदाई कहानियाँ,हिंदी सेक्स की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब वो लंड पकडे पकड़े ही पीछे की ओर लेट गयी और मेरा लंड अपनी चूत पर रख लिया। सही जगह पर सेट करने के बाद मुझसे बोली 'अब जोर लगाओ अरविन्द।' मैंने हल्का सा पुश किया तो धीरे-धीरे मेरा लंड रगड़ खाता हुआ उनकी गर्म और गीली चूत में चला गया। जब उनके नितम्ब मेरी जांघों से टकराए तो मुझे लगा मेरा पूरा लंड जड़ तक उनकी चूत की गहरायी में घुस चुका है, मेरा बाँध टूट चुका था और मैं झड गया। भाभी थोड़े गुस्से से मेरी तरफ देख रही थी और बोली 'अंदर ही कर दिया ना।' फिर मैं बोला 'सॉरी मेरा फर्स्ट टाईम था!' तो वो हंसी और बोली 'ऐसा सबके साथ होता है तुम्हारा तो हो गया अभी मेरा रह गया है।' मैं बोला 'बस पांच मिनट दीजिये।'

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लगभग दस मिनट बाद मैं फिर शुरू हो गया। मैंने उनकी नाईटी और ब्रा भी उतार दी। भाभी पूरी तरह से नंगी मेरे सामने लेती थी। मेरे लंड में फिर से तूफ़ान उमड़ने लगा। मैंने भाभी के बूब्स को बड़ी बेदर्दी से मसला, निप्पल को चूसा, होंठो को चूसा और चूत को चाटा पर वो कुछ नहीं बोली बस सी-सी की आवाज करती रही। अब मैं उनके ऊपर आ गया और अपना लंड उनकी चूत में पेल दिया। इस बार उनकी चूत भट्टी की तरह तप रही थी। चुदाई शुरू हो चुकी थी और स्पीड बढ़ती जा रही थी।तीन बार चुदने के बाद भी भाभी का मन नहीं भरा था। थोड़ी देर बाद वो मेरे ऊपर आ गयी और मुझे किस करने लगीं उनके बूब्स मेरे सीने से रगड़ खा रहे थे मेरा लंड फिर खड़ा होने लगा। चूँकि मैं थक चुका था इसलिए मैं लेता रहा और मेहनत करने की बारी भाभी की थी। उन्होंने मेरा लंड कुतुबमीनार की तरह खड़ा करके पूरा का पूरा अपनी चूत में सिसकारियाँ भरते हुए समा लिया और उछल उछल कर अपने अन्दर लिया। ये चुदाई कहानियाँ,हिंदी सेक्स की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।इस तरह मैंने उस दिन उनको 4 बार चोदा। भाभी की चूत लाल हो गयी थी और सूज कर मोटी भी हालाँकि मुझे भी अपने लंड पर सूजन लग रही थी। हम दोनों ने कपड़े पहने। इतनी चुदाई के बाद भाभी की चाल बदल गयी थी। फिर मैं ऊपर चला गया। फिर मैं नहाया और बाहर घूमने चला गया। फिर उनका फोन आया कि अरविन्द आते टाईम गोली ले आना। फिर मैंने बोला कि ठीक है। फिर मैंने वापस आकर उनको मेडीसीन उनकी चूत में अपनी ऊँगली से सरका दी और किस किया और गुड नाईट बोलकर ऊपर चला गया।इस तरह हमारा सेक्स रीलेशन 4 महीने तक चलता रहा। हम दोनों को डॉगी स्टाइल ज्यादा अच्छा लगता था। कभी अगर जल्दी में चुदाई करनी होती थी तो आसानी रहती थी। बस भाभी को झुकाया नाईटी या साड़ी उठाई और लंड अन्दर सरका दिया। पैंटी वो पहनती नहीं थी। इस स्टाइल में चूत टाईट रहती थी और टाईट चूत का मजा ही कुछ और है साथ साथ उनके खुबसूरत चिकने चूतड़ सहलाने को मिलते थे। इसके अलावा भी मैंने उनको बहुत सारी पोज़िशन में चोदा। फिर वो बोलने लगी कि अगर ये सब चलता रहा तो एक ना एक दिन मेरे पति को सब पता चल जायेगा, इसलिए वो हमारे यहाँ से रूम खाली करके कहीं चली गई।कैसी लगी सेक्स कहानी , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे ,अगर कोई सरिता भाभी की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे ऐड करो Chudasi sarita bhabhi

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