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सब्जी वाले से चुदवाया कर चुदाई की भरपूर आनंद मिला

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यहाँ लोगो अपने अपने फ्लैट में ही बंद रहते है, मैं कहा स्वछन्द लड़की आज मैं चार दीवारी में बंद होकर सास बहू का सीरियल देखते दिन बिताती और रात को पति का आने का इंतज़ार करती.दोस्तों सच बताऊँ तो मेरी लाइफ ठीक नहीं चल रही थी. मुझे पहला किश मेरे पति ने किया, मुझे पहली बार चुदाई मेरे पति ने किया, मैं अगर किसी के बाजार गई तो वो मेरे पति थे, मेरे कहने का मतलब ये है की मैंने कभी भी किसी लकड़े या आदमी के साथ कभी भी कोई रिलेशन नहीं बनाया मेरा कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं था, उसका कई कारण था की मेरे भाई उस सहर के नामी बदमाश और नेता थे तो किसी ने मेरे को छेड़ने की या तो गर्ल फ्रेंड बनाने की तो मैं जान नहीं पाई लड़का क्या होता है. और शादी भी हुई तो ऐसे पति से जो ज्यादा टाइम ही नहीं दे पा रहा है.आप ये कहानी हिंदी सेक्स की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। दोस्तों सेक्स सम्बन्ध तो उनसे बनता था, और खुश भी थी, मुझे लगता था ऐसा ही होता है, वो मेरे चूत में में लंड डालते थे, पांच दस मिनट तक ऊपर नीचे होता था,, मेरे शरीर में अजीब सी हलचल होती थी और फिर वो मेरे चूत में अपना वीर्य डाल देते थे और सो जाते थे, सबसे और जो ज्यादा ख़राब आदत थी वो था की रात में शराब जरूर पीते थे, इस वजह से ज्यादा बातचीत भी नहीं हो पाती थी, संडे का टाइम कब ख़तम हो जाता था पता ही नहीं चलता था, थोड़े दिन तो सब कुछ ठीक चलता रहा रहा, फिर मुझे लगने लगा की कुछ कमी है. अधूरापन लगने लगा, मैं धीरे धीरे उदाश रहने लगी. और फिर ज़िन्दगी थोड़ा अजीब सा होने लगा.

किसी काम से मेरे पति को दिल्ली से बाहर जाना पड़ गया, मैं अकेली हो गई. मैं सबसे ऊपर की फ्लोर पे रहती थी, मेरे दरवाजे के सामने बाले दरवाजे बाले फ्लैट में एक भैया रहते थे, मैं एक दिन बाहर उदास खड़ी थी, तो वो बोले भाभी आप थोड़ा परेशान लग रहे हो, क्या बात है, फिर उसने पूछा की भैया नहीं है क्या, मैंने कहा नहीं वो चार दिन के लिए बाहर गए है. फिर उन्होंने कहा आज मैं मैं मटन बनाया हु, बहूत ही बढ़िया बना है आप थोड़ा चखेंगे तो अच्छा लगेगा, मेरे पति मटन नहीं खाते, पर मैं बहूत मटन खाती थी, पर उनके वजह से मैं भी नहीं खा रही थी. मैं काफी शौक़ीन हु मटन की तो मेरे से रहा नहीं गया और मैंने हामी भर दी. और उन्होंने प्लीज प्लीज करने बुलाया और मैं अंदर चली गई. सोफे पे बैठी और फिर उन्होंने खुद भी कहना नहीं खाया था, तो दो प्लेट में चावल और मटन निकाला.आप ये कहानी हिंदी सेक्स की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। खाते खाते पूछी भैया आप अकेले रहते हो क्या कारण है. आपकी शादी हो गई है. तो उन्होंने कहा की हां मेरी शादी हो गई है. पर बीवी मुझे छोड़कर चली गई है. मैं हैरान हो गई. वो ऐसे कह रहे थे की छोड़कर चली गई है. मैंने फिर पूछा क्या बात हो गई. की वो वो बोले क्या बताऊँ भाभी जी. पिछले साल ही शादी हुई थी. शादी के बाद यहाँ आई, पर वो कहती थी की मुझे सेक्स करने में दर्द होता है वो कहती थी की आपका बहूत बड़ा है, मैं नहीं ले पाऊँगी, और एक रात को थोड़ा ज्यादा जोर लग गया था और वो सुबह उठकर चली गई. बोली कभी नहीं आउंगी. तब से मैं अकेले हु. मैं कई बार गया उसको लाने के लिए पर वो नहीं आई.

दोस्तों पता नहीं क्या हुआ, मेरे मुह से निकल गया. की बताओ गलत पति मिल गया है उसे, शायद आपके वाइफ को मेरा पति मिलता और मुझे आप मिलते तो ज़िन्दगी खूबसूरत हो जाती. दोस्तों जब मैं ये बोल दी तब मुझे एहसास हुआ की मैं क्या बोल रही हु. लेकिन इसका परिणाम हुआ की वो पूछने लगे की भाभी क्या बात है भैया आपको खुश नहीं रख पा रहे है, और मैंने हां कह दिया. तो वो बोले क्या मैं आपकी मदद कर सकता हु, क्यों की जिस चीज की आपको जरूरत है उसी की मुझे भी जरूरत है. अगर दोनों साथ हो जाएँ तो ज़िन्दगी गुलजार हो जाएगी. और मैंने हां कह दिया,दोनों कहना खाये, और वो मेरे करीब आ कर बैठ गए. मुझे एक खूबसूरत एहसास हुआ, गठीला बदन, चौड़ा सीना, मर्द की तरह आवाज, और खूबसूरत सेक्सी चेहरा, मैं अपने आप को रोक नहीं पाई और वो भी अपने आप को रोक नहीं पाया और दोनों गले मिल गए और होठ एक दूसरे के होठ को छूने लगे. मैं बेहाल हो रही थी. वो अपने सीने में जकड लिया, और मुझे फिर गोद में उठाकर बैडरूम में ले गया. उसने मेरा टॉप निकाल दिया. और केपरी भी, और खुद भी अपना पजामा और टी शर्ट खोल दिया. मैं ब्रा और पेंटी में थी. उसने मुझे लिटा दिया और मेरे ब्रा को खोल कर मेरी दोनों बड़ी बड़ी टाइट चूचियों को पिने लगा, और फिर मेरी पेंटी को भी उतार फेका, दोस्तों जब उसने मेरे चूत पे हाथ फेरा तो मैं पागल हो गई.आप ये कहानी हिंदी सेक्स की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैंने उठ बैठ गई और उसके लंड को अपने मुह में ले ली और चूसने लगी. और अंदर बाहर करने लगी. फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए. वो मेरे चूत को चाट रहा था और मैं उसके लंड को चूस रही थी. दोस्तों मैं इस दरम्यान दो भर झड़ चुकी थी और वो मेरे चूत को पानी को साफ़ किये जा रहा था. दोस्तों पहली बार मुझे चूत चटवाने का एहसास हुआ जो गजब का था और मेरा भी पहला एक्सपीरियंस था लंड को चूसने का क्यों की मेरा पति इस सब हायजीन कहके मुझे में लेने से मना कर देते थे. पर आज मैं खूब चाटी और चटवाई भी , उसके बाद तो दोस्तों मुझे नीचे कर कर मेरे पैर को वो अपने कंधे पर रखकर, मेरे चूत पे अपना लंड का सूपड़ा सटाकर, मेरे चूत में अपना लंड पेल दिया. मैं दर्द से कराह उठी. पर दो तीन झटके में ही मजा आने लगा.

मेरी चूचियों को मसलते हुए, अपने लंड को मेरे चूत में डाले जा रहा था. और मैं आह आह आह आ उफ़ उफ़ उफ़ आउच की आवाज निकल रही थी. और पलंग को चों चों को आवाज से और मेरे चूत पे छाप छप की आवाज से पूरा कमरा गूँज रहा था. फिर वो अलग अलग स्टाइल में, कभी मैं नीचे कभी वो ऊपर, कभी मैं ऊपर कभी वो नीचे, दोस्तों इस तरह से खूब चुदवाया, आज मुझे पहली बार पता चला की चुदाई क्या होती है. और मर्द किसको कहते है और लंड कैसा होना चाहिए और चरम सिमा क्या होती है. चूत से पानी कैसे निकलता है और लंड का पानी का स्वाद कैसा होता है.आप ये कहानी हिंदी सेक्स की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैं तर गई, पहली बार चुदने का एहसास हुआ था. मैं मस्त हो गई थी. मुझे ऐसा ही लंड चाहिए था. फिर तो हम दोनों चार दिन तक एक साथ ही रहे. पति पत्नी की तरह, दोनों के फ्लैट में मेरे और उसके अलावा और कोई नहीं था. इसलिए हम दोनों के लिए ऐसा सुहाना मौका कभी और मिलने बाला नहीं है. आज मैं कहानी लिख रही हु. क्यों की आज मैं अकेले हु, मेरे पति आ गया है और इंतज़ार कर रही हु, ग्यारह बजे का.कैसी लगी सब्जी वाले से चुदाई , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई मेरी चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/NishaSharma

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अन्तर्वासना हिंदी चुदाई की कहानियाँ

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